Monday, 20 February 2017

Karma

कर्म, भाग्य, नियति, प्रारब्ध, और जीवन ये सारे  ऐसे शब्द हैं जिनके रहस्य को समझ पाना या किसी को समझा एक रहस्य ही है I अगर कुछ लोग इन गहन बातों को समझ भी प् रहे हैं तो यह उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि या व्यक्तिगत अनुभव है और किसी के भी व्यक्तिगत अनुभव और अनुभूतियों को सामान्यीकृत नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह उनके  व्यक्तिगत जीवन की स्थिति और उनकी मनोदशा का प्रतिफल होता है I

लेकिन एक बात यहाँ काफी ध्यान देने योग्य हैं की इन शब्दों का हमारे जीवन के लिए महत्व काफी गहरा है और हमारे द्वारा इन शब्दों को समझ जाना काफी आवश्यक है I इसमें तो कोई संदेह की बात ही नहीं है की आपके कर्मों और उससे उत्पन्न विचारों से आपके जीवन की दिशा निर्धारित होती है और एक अच्छे मनोदशा का निर्माण होता है I

कर्मा का किया जाना और मानव जीवन के अस्तित्व का काफी गहरा नाता है I अपने कर्मों की दिशा को सरलता से पहचानने का एक उपाय यह हो सकता है जो कर्मा आपके आत्म तत्त्व को पुष्ट करते हों या जिसे किये जाने के पश्चात् आप अपने अंदर ऊर्जा की बढ़ी हुयी मात्रा का अनुभव कर सकते हैं और ऐसा किये जाने के पश्चात् आपके अंदर एक आनंद का भाव जागृत होता है और जीवन में उत्पन्न होने वाले अन्य नकारात्मक परिस्तिथियों पर अपना ध्यान केंद्रित होने नहीं देता है I 

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